भोपाल के 29 हज़ार से अधिक वृक्ष अब नहीं काटे जायेंगे। यह घोषणा नगरीय प्रशाशन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म x पर पोस्ट शेयर करके की है।
मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और मौजूद वृक्षों को देखते हुए प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया है। साथ ही अन्य वैकल्पिक स्थान तलाशने को भी कह दिया गया है।
विजयवर्गीय ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, नये भोपाल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र में विद्यमान वृक्षों को देखते हुए प्रस्तुत प्रस्ताव को संपूर्ण विचारोपरांत अस्वीकृत कर अन्य वैकल्पिक स्थानों के परीक्षण के निर्देश दिये गये है। नवीन प्रस्ताव हेतु प्रारंभिक स्तर पर भी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श भी किया जाएगा।
दरअसल राजधानी भोपाल में मंत्रियों और विधायकों के बंगले बनाने के लिए करीब 29 हजार पेड़ काटने का प्रस्ताव लाया गया जिसके विरोध में भोपालवासी सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया गाया।
राजधानी में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा था। कांग्रेस नेताओं के साथ शहरवासियों ने भी मुहिम में हिस्सा लिया। इन पेड़ों को बचाने के लिए हजारों शहरवासी एकजुट हुए। इस दौरान युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर पेड़ों को बचाने के लिए तरह-तरह के नारे लगा रहे थे। वृक्षों को रक्षासूत्र बांधकर पूजन किया गया।
शहर वासियों की तुलसी नगर और शिवाजी नगर में 29 हजार पेड़ों को बचाने के लिए चलाई गई मुहिम कारगर रही और सरकार ने पेड़ों को काटकर बंगलों को रीनोवेट किए जाने का फैसला फिलहाल निरस्त कर दिया है।
दरअसल मप्र सरकार भोपाल शहर के अंतर्गत आने वाले शिवाजी नगर और तुलसी नगर क्षेत्र में मौजूद सरकारी बंगलों को तोड़कर 23 सौ करोड़ से अधिक की री डेवलेपमेंट स्कीम लाने जा रही थी।
जब यह खबर आम हुई तो भोपालवासियों ने इसका गंभीरता से विरोध करना शुरू कर दिया.आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा।